Monday, 22 July 2019

'कर्णामृत' पत्रिकाक जनवरी-जून 2019 लघुकथा अंक प्रकाशित

मनोरंजक आ विचारोत्तेजक लघुकथा सँ परिपूर्ण विशेषांक


अहि अंक मे पृष्ठ संख्या 65 पर लेखिका चंदना दत्तक दू टा लघुकथा प्रकाशित भेल अछि. पहिल "औंठा छाप" हास्य छै जहनि कि दोसर "हँ गै दैया हमरो" अत्यंत गम्भीर विषय पर आधारित अछि. अहि मे लेखिका चंदना दत्त देखौलन्हि अछि कि केना पाँच-छौ सालक बच्ची सभ सेहो पुरुषक कामुकतापूर्ण अनुचित दृष्टि कें असहाय रूप सँ सहै लेल विवश छैक. लघुकथा सोचबाक लेल बाध्य करैत अछि. 

पृष्ठ 66 पर कंचन अरबिंद कंठक के दुइ गोट लघुकथा छैक- 'कर्तव्यनिष्ठा' आर 'ग़ठबंधन'.  दूनू लघुकथा असल मे जीवनक संस्मरण छै. पहिल मे प्रधानमंत्री चंद्रशेखरक काल मे एक टा कर्तव्यनिष्ठ पदाधिकारी कें कार्यक उल्लेख छै त दोसर मे पिताजी के विनोदी स्वभावक वर्णन छै. दूनू मनोरंजक शैली मे लिखल छै जै सँ पढ़ैवला के मोन लगै छै आ किछु सिखैले सेहो भेटै छै. 

ई पत्रिका अवश्य कीन कS  पढ़बाक चाही.
(-बेजोड़ इंडिया ब्यूरो)



Thursday, 27 June 2019

चुलबुली ननदिया -प्रेमक इजहार / कंचन कंठ

प्रेमक इजहार

हमर एक टा ननदि छलैथ शैलजा कंठ,ओ जतबे सुंदर ओतबे तेजस्विनी छलीह। स्नातकोत्तर अध्ययन लेल जेएनयु में एडमिशन भेलैन। एतय के त माहौल देखिकय क्षुब्ध रहि गेली । कहां ओ पढ़निहार आ अपन लक्ष्य के लेल कटिबद्ध आ कतय ई खुलापन! खैर,ओ अपन काज सं काज रखैत छलीह, किंतु जे बिहारी छात्र-छात्रा छल, ओकरा सभ के कहियो काल सावधान करैत रहैत छलीह।

ओहने एकटा छात्र छलैथ विकास कुमार। ओ हुनका व्यक्तिगत रुप सं जनैत छलीह ओ मनप्रीत कौर सं जी-जान सं प्रेम में परि गेल छलाह। ओकरा इम्प्रेस करै ले कोनो अवसर चुकै नै छलाह। मनप्रीत सेहो हुनका प्रति आसक्त भय गेलीह। एक दिन सोचल जे किया नै हमहुं किछ करि अपन प्रेम के अभिव्यक्त करै लेल। त ओ शैलजा क समक्ष अपन ई बात रखलैन कि "तुम और विकास तो एक ही बोली बोलते हो, क्या तुम मुझे अपनी भाषा में आई लव यू बोलना सिखा दोगी?" शैलजा झट दs तैयार भ गेलीह आ कहलनि "मैं तो सिखा दूंगी पर तुम तीन-चारि दिन अच्छे से याद करके ही मिलना।"

बड्ड बेस तहिना कय मनप्रीत बड़ मनोयोग से प्रैक्टिस केलैन्ह। एम्हर विकास बाबु परेशान छलाह कि भेटे नै भs रहल अछि। तs जहिना मनप्रीत पांचम दिन समाद देलखिन, बेचारे भागल-भागल गेलाह। हिनका देखतहि मनप्रीत जोर-जोर सं कहै लगलीह "रे कोढ़िफुट्टा, रे बढ़नझट्टा, रे अभगला,रे कुलबोरन, रे कुलघाती एहि दिन लै मां-बाप दीनानाथ के व्रत उपवास केने छल, जे तौ आइ ई सभ काज करै छह! पढ़बें - लिखबें से नहि यैह सभ में लागल रह।" विकास कुमार के त चकचौन्हि लागि गेलैन आ लोक हंसैत हंसैत पगला गेल।
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आलेख - कंचन कंठ
प्रतिक्रिया हेतु ईमेल आईडी - editorbejodindia@yahoo.com
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Thursday, 6 June 2019

8 जून'19 केँ द्वारका (नई दिल्ली) मे मुक्तांगन द्वारा पोथीक समीक्षा आ लोकार्पण / भगजोगनी : कखनो इजोत आ कखनो अन्हार - डॉ. राजीव कुमार वर्मा

संस्था द्वारा सभ लोकनि केँ खुला आमंत्रण छै.




समीक्षक
प्रोफेसर देवशंकर "नवीन"
श्रीमती कुमकुम झा
डॉ. कैलाश कुमार मिश्र

आशीर्वचन : डॉ. शेफालिका वर्मा
8 ज़ून, 2019, सायं काल 4.30 सँ 6.00 बजे धरि
मुक्ताँगन, द्वारका
अपने सब सादर आमंत्रित छी

पता:
MUKTANGAN
At USHA FARMS
Isapur Khera, Dwarka,
New Delhi 110061
Near Metro Station Sector 21 Dwarka
Mobile 9818994440

Muktaangan in association with Maithili-Bhojpuri Academy, New Delhi cordially invites you all for the launch of Bhagjogni by Dr. Rajiv Kumar Verma.

With review panellists - Professor Dev Shankar “Navin”, Kumkum Jha, and Dr. Kailash Kumar Mishra, along with the blessings of Dr. Shefalika Verma.

This Saturday, 8th June 2019, 4:30 pm onwards at Muktaangan, Usha Farms, Bijwasan.


 


Tuesday, 28 May 2019

Wednesday, 17 April 2019

मई 2019 मे नवारम्भ, मधुबनी सँ प्रकाशित होइ वला पुस्तकक ब्यौरा

*मइ मासक किताब*  

(ई सभटा किताब मइ मासक अन्त धरि उपलब्ध होयत। कृपया अपन पसिनक किताब लेल सम्पर्क करी।) 


1 बिछका-बानगी
मैथिली निबन्ध-संग्रह
लम्बोदर झा
200/-

2 प्रेम-पर्वत
हिन्दी कविता-संग्रह
सुरेन्द्र जायसवाल
200/-

3 मीमांसा
हिन्दी समीक्षा-संग्रह
डॉ. जीतेन्द्र राम
250/-

4 ढलते आँसुओं के बीच
हिन्दी कविता-संग्रह
अयोध्या नाथ चौधरी
200/-

5 उत्तरार्द्ध
मैथिली उपन्यास
धीरेन्द्र कुमार झा
200/-

6 प्रेम का महाकाव्य
हिन्दी प्रेम कविता-संग्रह
अजित आज़ाद
200/-

7 अर्द्धविराम
मैथिली आलेख-संग्रह
विभूति आनन्द
200/-

8 सोनचिड़ैया
मैथिली उपन्यास
शिवांशु
200/-

9 परिस्थिति
एकटा दीर्घ कथा
वीरेन्द्र झा
100/-

10 ऑब्जेक्शन मीलॉर्ड
मैथिली नाटक
कमल मोहन चुन्नू
150/-

11 Agricultural Economy of Mithila
Dr. Sukdeo paswan
300/-

12 ललबिठुआ
मैथिली व्यंग्य-संग्रह
राज कुमार मिश्र
100/-

13 व्योम में ओम
हिन्दी कविता-संग्रह
ओमप्रकाश ओम
200/-

14 मैथिली लोक साहित्य : परंपरा और व्यवहार
(डॉ महेन्द्र राम की पुस्तक का अनुवाद)
डॉ जीतेन्द्र राम
300/-

15 एक वोटक लेल
मैथिली कथा-संग्रह
डॉ धनाकर ठाकुर
100/-

16 अज्ञेय और उनका स्त्री विमर्श
हिन्दी आलोचना
डॉ आरती प्रसाद
300/-

17 मूल्यांकन
मैथिली समीक्षा-संग्रह
डॉ. धनाकर ठाकुर
100/-

18 अन्हार गलियारी
मैथिली कथा-संग्रह
अर्द्धनारीश्वर
200/-

19 आनी मानी हम नहि जानी
मैथिली गीत-संग्रह
अजित आज़ाद
150/-

20 सिनेहक डोरि
मैथिली कविता-संग्रह
डॉ विभा कुमारी
200/-

21 मिच्छामि दुक्कड़म
मैथिली उपन्यास
कुमार मनीष अरविन्द
300/-

22 नवतुरिया
मैथिली नाटक
धर्मनाथ झा
150/-

23 करुणामयी आ डागदर बाबू
मैथिली एकांकी-संग्रह
धर्मनाथ झा
100/-

24 स्वतः प्रमाणं, परतः प्रमाणं
मैथिली निबन्ध-संग्रह
धर्मनाथ झा
200/-

25 आधा तित्तिर आधा बटेर
मैथिली कथा-संग्रह
धर्मनाथ झा
200/-

26 नहि बिसराइए
मैथिली कविता-संग्रह
धर्मनाथ झा
200/-
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सूचना स्रोत - अजित आज़ाद
मोबाइल- 9304349384















 




Monday, 15 April 2019

मिथिला अ मैथिली केँ लेल समर्पित हमर पाहुन / आनंद रंजन

 ओ छला हमर पाहुन ! 
मितभाषी एवं सहज आकर्षक मुस्कान / हुनक छल एकटा अद्वितीय पहचान  !

अभय कुमार लाल दास अप्पन कुटुम्बक संग
ऊ दिन नै बिसरल अछि जखन पटना सँ मैट्रिक परीक्षा उतीर्ण भेलाक बाद १९९४ में दिल्ली के रुख़ केलहुँ। कोनो दोसर मत नै जे हमर पटना सँ दिल्ली प्रस्थान के महत्वपूर्ण कारण छलथि हमर नब-नब पाहुन श्री अभय जी (सबटा जनितहुँ 'स्वर्गीय' लिखनाय मुदा कठिन भ रहल अछि)।

कहै में कोनो संकोच नै जे हमर दिल्ली वास हुनकर अभिभावकतत्व में सम्पन्न भेल और जाहि सँ हम अनुग्रहीत छी।

मैथिली आ मिथिला के लेल हुनकर प्यार आ समर्पण जगजाहिर अछि जाहि सँ हमहुँ अवगत भेलौंहुँ हुनका साथ स्कूटर पर दिल्ली में घुमैत घुमैत केवल मैथिली आ मैथिल वास्ते।

ओहि कॅरिअर के शुरुआती दौर में रहितो अभय जी के लेल मैथिल समाजक कार्य वा मैथिल संस्था सँ जुड़ल कार्य सर्वोपरि छेलैन्ह। 

"ओ कहैथ छेलैथ जे एल.आई.सी के काज त खींच-ताइन का कहुना भइये जायत मुदा समय बितला के बाद मैथिल - मिथिलाक के उत्थानक काज नै भ् पायत।"

ओ जतेक बेसी लोकप्रिय हमरा - अहाँ यानी मैथिली भाषी के बीच छलथि ततबै अपन कार्यस्थल एवं आवासीय समाज (कैलाश अपार्टमेंट रेसिडेंसियल सोसाइटी) के बीच छलथि।

मिथिलांगन संस्थाक उत्पति सँ आई धरि निर्विरोध सचिव बनल रहनाइ हुनक विशिष्ट संगठनात्मक क्षमता केँ उजागर करैत अछि।

उदहारण अछि जे हुनकर बेर बेरक प्रयास जे नब सचिव के एला सँ किछु नब कार्य... नब सोच मिथिलांगन के आओर आगू बढ़ावय मे मदद करत से एकोटा मिथिलांगन सदस्य के स्वीकार्य नै भेल। 

अगिला पीढ़ी के मिथिलांगन में आगू आनय लेल ओ पूर्ण रूपेण प्रयासरत छलथि। बच्चा सबके द्वारा अपन माता पिता सँ इ पूछनाई जे आब कहिया मैथिली निबंध / लेखन प्रतियोगिता वा खेल प्रतियोगिता हेतै या सरस्वती पूजा फेर कहिया आओत अहि सम्बन्ध मे हुनक प्रयास सफ़लताक दिशा मे अग्रसर बूझि परैत अछि !

अविस्मरणीय अछि हुनक डेढ़-दू मासक कलकत्ता स्वास्थ लाभ प्रवास (जनवरी - फरवरी २०१९).... जाहियो में ओ हमरा सभ सँ एवं अनेक मैथिली भाषी लोक सँ मिथिलांगनक व मैथिलीक उत्थानक विषय पर चर्चा करैत समय व्यतीत केलैन्ह।

कलकत्ता सँ विदा होइत काल सेहो हुनकर प्रश्न छेलैन्ह एकटा मैथिल सज्जन सँ जे अपने एते उच्च पद पर कार्यरत छियै त कतेक मैथिल लोक के सहायता करैत छी आ आश्वस्त भेला पर कहलथिन्ह जे आगुओ मैथिली आ मैथिल के उत्थान पर ध्यान देबै !

पाहुन, दिल्ली अहाँ बिन सुन्न लागैत अईछ....

भगवान, नीक जेकाँ रखबैन हमर सबहक प्रिय अभय जी के !

अशेष नमन आ अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि ओहि कर्मठ एवं सदैव उत्साहित मैथिल सामाजिक कार्यकर्ता के !

यूट्यूबक पर देखबा लेल  - एतs क्लिक करू
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आलेख- आनन्द रंजन (दीपु)
ग्राम - इमादपट्टी 
जिला - मधुबनी 


Friday, 12 April 2019

अभय कुमार लाल दासक निधन दिल्लिये नहि सम्पूर्ण मिथिला समाजक महत्वपूर्ण क्षति (पुण्य तिथि - 10 अप्रील, 2019)

मिथिला मैथिलीक एकटा नेतृत्व देमय बला विचारक 




डॉ. शेफालिका वर्मा, साहित्य अकादमी  पुरस्कृत साहित्यकार, दिल्ली 10.4.2019
अपूरणीय क्षति मिथिलामैथिली लेल , 

कतय चलि गेलौं अभय जी 
मिथिलांगन सून भ गेल,,,


अवकाशप्राप्त के बाद जखन दिल्ली बसलौं , लागल छल मिथिला मैथिली सँ बड़ दूर भ गेलौं , अपन देसकोस सँ नितान्त दूर  2009 में दिल्ली आयल रहि ओहि काल द्वारका में मैथिली भोजपुरी अकादमी के कोनो प्रोग्राम जाहि में हमरा पटना सँ अनिल मिश्रा जी आ परिचय दास जी बजौने रहथि । अकादमी के नय बुझल छल जे हम स्थायी रूप से दिल्ली आबि गेल छी 

प्रथम परिचय अभय जी सँ ओहि ठाम भेल छल । ओना चर्च हमर बेटा राजीव वर्मा केने छलाह, हमर संगी अभय जी तोरा सँ भेंट करथुन,,। दिल्ली में मिथिलांगन के नाम सुनि हर्ष सँ भरि गेल छलौं। 
तकर बाद ते मन नय पड़ैत अछि हुनक कोनो प्रोग्राम में हम नय रही , हरदम हँसैत , सभक सहायता लेल तत्पर सदिखन , चेहरा कखनो मौलायल नय देखलौं ।

मुदा आय अहाँ नय रहलौं अभय जी ,,एतेक टाक धोखा ,,कोना देलौं सब के ,,मैथिलीक बड़का स्तम्भ धराशायी भ गेल ,,, अहाँ हृदय में बसल रहब अभय ,,,अहाँ कतहु नय गेल छी , सरिताक सांस सांस में बैसि गेल छी,,,,अपन दुनू बच्चाक ताकत बनि गेल छी ,,,

अविरल अश्रुधार माँ सहल नय जायत अछि । कोना अहाँक माँ बुझि ,, शरद नवरात्रा में वर्मा जी के ल गेलहुँ , आय चैती में अभय जी के ,,,, माँ एतेक हृदयहीन कोना भ सकै छी अहाँ ,,,कोना पूजा करी अहाँके ,,,कोना माँ ,,,,कियेक माँ ,,,,,,,,,अशेष नमन अहाँ के अन्तिम क्षण धरि बीमारी सँ लड़ैत रहलौं अभय अहाँ

रवीन्द्र दास, चित्रकार, दिल्ली 10.4.2019

आइ बहुत दुखद पोस्ट फेसबुक पर भेटल । पहिने त विश्वास नहि भेल जे सदिखन मुस्कुराहट वला चेहरा आ सबके प्रेरित करयबला अभय जी हमरा सबहक बीच नै रहलाह ।

पोस्ट शेफालिका जी केने छलीह तेकर बाद मिथिलांगनक वाटसप ग्रूप मे पूरा मिथिलांगन परिवार के दुखद संदेश पढि क मोन विचलित भय गेल । सांझ मे आलोक जी के फोन आयल छल जे मुम्बई लोकल ट्रेन मे हम नहि सुनि सकलहुँ जखन कि भोरे योगेंद्र मल्लिक जी स अभय के संबंध मे गप्प भेल छल हम हुनका कहलियन्हि नै यौ अभय जी हार मानय बला लोक नहि छथि भगवान एहेन लोक के जरूर साथ दैत छथीन । दिल्ली महानगर मे मिथिला मैथिलीक एकटा नेतृत्व देमय बला विचारक आ सदिखन अपन टीम के पाछू ठाढ रहयबला अभिभावक के कमी आब के पूरा करत ....जहिया इ फोटो हम खिचने रही तहिया हमरा लोकनि हुनकर छोट साक्षात्कार लेबाक लेल गेल रही कखनो हम आ संजय जी हुनका निर्देश दियेन त कखनो हम दुनू गोटे हुनकर निर्देश ली ..आई सब याद आबि रहल अछि पत्रकारिता,साहित्य ,कला ,संगीत आ कि रंगमंच सब क्षेत्रक लोक सबहक स्वागत सत्कार करबाक उत्साह आ हुनका सबगोटे के केना अपन संस्था स जोडी से सदिखन हुनकर कोशिश रहैत छलैन 

भास्कर भूषण 10.4.2019

मिथिला समाज के एक अलग दिशा देबै वाला, मिथिलांगन संस्था (नई दिल्ली) के संस्थापक सचिव, हमरा सब के हमेशा प्रोत्साहित करै वाला एवं एलआईसी  के डिविशनल ऑफिसर श्री अभय लाल दास जी (अभय अंकल) आय हमरा सब के छोड़ि हुनका पास चईल गेलाह जिनका पास सं कोई वापस नहि आइब सकैत । ई दुःखक तूफान में भगवान से कामना जे हुनका परिवार के डोर थामि के राखि, ई तूफान से लड़ै के शक्ति दय एवं हुनक आत्मा के शांति प्रदान करैथ । अश्रुपूर्ण सादर श्रद्धांजलि । बड्ड अफ़सोस जे हम हुनक अंतिम दर्शन नए क सकलहुँ । 

‎जीतेंद्र लाल दास , 11.4.2019

एक दैदिप्यमान नक्षत्र, ओजस्वी, तेजस्वी, बहुआयामी व्यक्तित्व प्रतिभाक धनी, समाजक कर्णधार, हमर पुत्रवत अभय जी कालक चपेट मे आबि हमरा सभ कं। असहाय बना भगवद प्रेम मे विलिन भ गेलाह। लगैछ भगवान के हुनकर आवश्यकता छलैन। भगवान् हुनक आत्मा के चिरस्थाई शांति (मोक्ष) प्रदान करथि, से हुनका सं विनम्र प्रार्थना। हमरा लोकनि हुनक महत्वाकांक्षा, स्वप्न के पूरा करी, से सामूहिक दायित्व। आब धैर्य टा मात्र संबल अछि। ऊं शान्तिः, शान्ति शान्ति ।
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संकलन- हेमन्त दास 'हिम'
प्रतिक्रिया लेल ईमेल आईडी - editorbejodindia@yahoo.com

मिथिलंगन सांस्कृतिक संस्था के संस्थापकक रूप मे
 
मैथिली भोजपुरी अकादमीक सचित श्री रवींद्र नाथ श्रीवास्तव उर्फ परिचय दास द्वारा सम्मानित होयत 2012

अभय जी साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त लेखिका डॉ. शेफालिका वर्मा  के संग. श्रीमती वर्माक सं सटल छथन्ह हुनकर अभय जीक पत्नी सरिता दास. पाछू में प्रसिद्ध चित्रकार पति-पत्नी रवींद्र दास आ संजू दास छथि

डॉ. शेफालिका वर्मा तथा अन्य गणमान्य साहित्यकारक संग पुस्तकक विमोचन करैत

प्रसिद्ध मैथिली गायक सुन्दराम एवं अन्यक संग होली मनाबैत अहि बेर 

दूरदर्शन पटना पर साक्षात्कार दैत